माना लब पर हसी लेकर चलता हु ...
पर कुछ दर्द तोह आज भी इस दिल में लेकर बैठा हु...
नहीं कहता मैं अब की उसको चाहता हु ...
पर उसको पाने की चाहत कभी छोड़ भी नहीं पता हु...
इस चाहत को दिल में छुपा के चलता हु...
लब पर हसी लेकर चलता हु...
दिल के किसी कोने में मेरे वो अब भी रहती है...
जितना भी भूलना चाहू पर वो दिल-न- शीन अपने होने का एहसान देती है...
उस एहसास हो सम्हाल के चलता हु...
लब पर हसी लेकर चलता हु ...
Sid...Luv U...
Forever...
पर कुछ दर्द तोह आज भी इस दिल में लेकर बैठा हु...
नहीं कहता मैं अब की उसको चाहता हु ...
पर उसको पाने की चाहत कभी छोड़ भी नहीं पता हु...
इस चाहत को दिल में छुपा के चलता हु...
लब पर हसी लेकर चलता हु...
दिल के किसी कोने में मेरे वो अब भी रहती है...
जितना भी भूलना चाहू पर वो दिल-न- शीन अपने होने का एहसान देती है...
उस एहसास हो सम्हाल के चलता हु...
लब पर हसी लेकर चलता हु ...
Sid...Luv U...
Forever...

