Saturday, May 11, 2013


आपसे ही शुरू करी थी पहले बातें
बिना मेरे बोले समझी आपने  हर बातें  ...
मेरे लिए आपने  सहे कितने दर्द 
मेरे लिए जागी आप  कितनी सोयी  रातें  ...

उन रातों की  बातों  की है अब यादें  ... सबसे मीठी यादें  ...

 तूने  सहे हर गम लेकर चेहरे  पर अपने  मुस्कराहट ...
अपनी परेशानी की होने न दी  कभी आहट ...
और ऊपर से हमारी परेशानी को भी आपने गले लगाया ...
दुखो और मुस्किलो को मुझसे दूर भगाया ...

कैसा होगा भगवान आपको देख कर ही समझ आया

उन रातों की  बातों  की है अब यादें  ... सबसे मीठी यादें  ...















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